घूर्णी चुंबकीय क्षेत्र क्या है
जब किसी थ्री फेज सिंक्रोनस मशींन को थ्री फेज सप्लाई वोल्टेज दी जाती है तो उसकी थ्री फेज वाइंडिंग ऊर्जित होकर एक स्थिर परिमाण का चुम्बकीय क्षेत्र ऊत्पन्न करती है,थ्री फेज वाइंडिंग द्वारा उत्पन्न किया गया ये स्थिर परिमाण का चुम्बकीय क्षेत्र ही घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र कहलाता है। यह मशींन के रोटर और स्टेटर के बीच जो वायु गैप होता है उसमें स्थापित हो जाता है। इस घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र के ध्रुव,स्टेटर पर एक समान अवस्था में नहीं रहते है ये स्टेटर में चारों ओर अपनी स्थिति को आवर्त रूप में एक जगह से दूसरी जगह अदला बदली करते रहते है। इसलिए इस चुम्बकीय क्षेत्र को rotating magnetic field कहते है।इसे परिक्रामी चुम्बकीय क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है,जिसे छोटे रूप में R.M.F प्रतिकारक अक्षरों से व्यक्त किया जाता है। घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र की परिभाषा को छोटे रूप में निम्न प्रकार से भी लिख सकते है।
घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र
स्थिर परिमाण का वह चुम्बकीय क्षेत्र,बहुकला सप्लाई प्रणाली द्वारा उत्पन्न होता है और वरिम (space) के अन्दर एक नियत दिशा में तुल्यकाली गति से गमन (rotate) करता है, घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र कहलाता है।
चुम्बकीय क्षेत्र
किसी चुम्बकीय के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें किसी चुम्बकीय पदार्थ को रखने पर वह चुम्बकीय पदार्थ एक बल का अनुभव करने लगता है तो वह क्षेत्र चुम्बकीय क्षेत्र कहलाता है।
प्रत्यावर्ती चुम्बकीय क्षेत्र
परिवर्तनीय परिमाण का वह चुम्बकीय क्षेत्र,जो सिंगल फेज सप्लाई प्रणाली द्वारा उत्पन्न होता है और वायु अंतराल में अपनी दिशा को समय के साथ बदलता रहता है,प्रत्यावर्ती चुम्बकीय क्षेत्र कहलाता है। इसे स्पन्दी चुम्बकीय क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है।
थ्री फेज घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा को विपरित करना
थ्री फेज घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा उसके फेज अनुक्रम पर निर्भर करती है इसलिए फेज अनुक्रम के बदलने से घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा बदल जाती है यानी विपरित हो जाती है।
थ्री फेज सप्लाई प्रणाली के किन्हीं दो लाइन तारों की ध्रुवता को आपस में बदलकर थ्री फेज घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र के फेज अनुक्रम को बदला जाता है, इस प्रकार से क्षेत्र के घूमने की दिशा भी बदल जाती है। इसको समझने के लिए मान लेते है कि RYB फेज अनुक्रम पर किया थ्री फेज घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र के घूमने की दिशा दक्षिणावर्त है। तब RBY फेज अनुक्रम पर इसकी दिशा वामावर्त होगी।
घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र के प्रमुख गुणधर्म
यह क्षेत्र तभी ऊत्पन्न होता है जब थ्री फेज मशींन को थ्री फेज सप्लाई दी जाती है। घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र वरिम यानी वायु अंतराल में ही स्थापित होता है। इस क्षेत्र का परिणाम हमेशा स्थिर या एक समान रहता है। घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र के घूमने की दिशा नियत यानी निश्चित होती है।rotating magnetic field की दिशा उसके फेज अनुक्रम पर निर्भर करती है उसके फेज अनुक्रम को बदलकर दिशा को बदला जा सकता है। घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र से मशींन में टाॅर्क उत्पन्न होता है, जो मशींन को सेल्फ स्टाॅर्ट बनाता है।
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