आइसोलेटर(Isolator)
आइसोलेटर विधुत का एक ऐसा साधन है जो बिना विधुत भार वाले उच्च वोल्टेज के विधुत सर्किटो को खोलने और बन्द करने का काम करता है । आइसोलेटर एक डिस्कनेक्टिगं स्विच कहलाता हैं । इसका प्रयोग लोड करन्ट की अनुपस्थिति में यानी बिना लोड पर उच्च वोल्टेज की विधुत शक्ति लाइन को चालु करने या बन्द करने के लिए किया जाता हैं । इसमें आर्क बुझाने का कोई साधन भी नहीं होता हैं लेकिन जो पाॅवर आइसोलेटर होते हैं उन्हें लोड पर भी चालू किया जा सकता हैं । और इनमें आर्क बुझाने की व्यवस्था भी होती हैं ।
आइसोलेटर या डिस्कनेक्टिगं स्विच को बिना लोड (no load) पर चालु किया जाता हैं । इसकी कोई निर्धारित धारा ब्रेकिगं क्षमता नहीं होती हैं ।हम लोड करन्ट को ब्रेक करने के लिए आइसोलेटर का प्रयोग नहीं करते हैं । आइसोलेटर का प्रयोग स्विचगियर संस्थापन में बस के किसी भाग में सप्लाई किये हुए वोल्टेज की रोकथाम के लिए किया जाता हैं । आइसोलेटर में रिले कुण्डली नहीं होती हैं आइसोलेटर सामान्य या असामान्य अवस्था में बन्द या खोले जा सकते हैं ।
आइसोलेटर (Isolator) के प्रकार
उपयोग स्थल के आधार पर आइसोलेटर दो प्रकार के होते हैं
(1) अंतः प्रारुपि आइसोलेटर (Indoor type Isolator )
इस आइसोलेटर में स्थिर और चल सम्पर्क होते हैं स्थिर सम्पर्क के अगले भाग में चल सम्पर्क के प्लग टाइप अगले भाग के आकार का एक छिद्र बना होता हैं । आइसोलेटिगं अवस्था में इस छिद्र का मुंह एक सटर द्वारा बन्द रहता हैं चल सम्पर्क का अगला भाग एक प्लग टाइप होता है
Indoor type Isolator 3-pole या 4-pole isolator होते हैं ।
(2) बाह्मा प्रारुपि आइसोलेटर ( Out door type Isolator )
इन आइसोलेटर को दो वर्गों में, सिंगल पोल और टिॢपल पोल में वर्गीकृत किये जाते हैं । टिॢपल पोल आइसोलेटर को समूह प्रचालित बनाया जाता हैं । इनका प्रचालन विधुत मोटर और हस्त से आवश्यकता अनुसार किया जाता है जबकि सिंगल पोल आइसोलेटर हाथ से चलने वाले ही होते हैं और केवल 50Kv तक ही उपयोग में लाये जाते हैं । 50Kv से ऊपर सभी वोल्टेजो पर 3-pole आइसोलेटर ही उपयोग किये जाते हैं ।
आइसोलेटर के कुछ आवश्यक काम
(1) यह बिना ओवर हिटिंग किये,ओवर लोड करन्ट को अपने माध्यम से प्रवाहित करता हैं ।
(2) यह निम्न प्रेरण धाराओं को रोकता है ।
(3) यह टर्मिनल और शाॅर्ट लाइन फाल्टो को रोकता है ।
(4) इसकी संरचना और सर्किट आसान होता हैं ।
(5) यह बिना लोड पर सामान्य स्थितियों में प्रचालित होता हैं ।
(6) इसमें सम्पर्क माध्यम केवल वायु होता हैं ।
(7) इनका आकार छोटा होता हैं ।
(8) यह वेट में हल्के होते हैं ।
(9) इनकी लाइफ कम होती हैं
(10) इनकी मरम्मत कम होती हैं ।
(11) इनकी अनुरक्षण किमत कम होती हैं ।



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