विधुत ऊर्जा के स्रौत क्या हैं? : विधुत ऊर्जा के स्रौत कितने प्रकार के होते हैं?

                      विधुत ऊर्जा के स्रोत 

विधुत ऊर्जा के स्त्रोत उन्हें कहते है जिनके द्वारा विधुत ऊर्जा को उत्पन्न किया जाता है। आज की इस भाग दौड़ की ज़िन्दगी में विधुत ऊर्जा का उपयोग बहुत अधिक बढ़ गया है आज के इस युग में हर चीज विधुत ऊर्जा से ही चलती है जेसे विधुत मोटर, विधुत प्रेस, विधुत मशीन, कम्प्यूटर, मोबाइल फोन भी विधुत ऊर्जा से ही चार्ज होता है, और हमारी बड़ी बड़ी कम्पनियां जो चल रही है उनमें विधुत ऊर्जा के द्वारा ही काम किया जा रहा है। इस प्रकार विधुत ऊर्जा का हमारे दैनिक जीवन में विशेष योगदान है इसके जो प्रमुख स्त्रोत है उनके बारे में नीचे बता रहा हूं।

(1) विधुत सेल 

इसमें विभिन्न रासायनिक क्रियाओं के द्वारा रासायनिक ऊर्जा विधुत ऊर्जा में परिवर्तित  होती है जैसे वोल्टीय सेल, लेक्लांशी सेल, शुष्क सेल, डेनियल सेल,सीसा संचायक सेल आदि।

(2) विधुत जनित्र

विधुत जेनरेटर एक ऐसा यन्त्र है जिसके द्वारा हम विधुत ऊर्जा को उत्पन्न करते हैं। विधुत जेनरेटर से विधुत ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए एक कुण्डली को हम चुम्बकीय क्षेत्र में रखते है फिर हम विधुत जेनरेटर को हाथ से ही घुमाते हैं। तों इसमें एक विधुत वाहक बल उत्पन्न होता है जिसके कारण इस कुण्डली में विधुत धारा बहने लगती हैं। ओर इस कुण्डली पर एक टाॅर्क भी लगने लगता है इस प्रकार विधुत जेनरेटर द्वारा उत्पन्न की गई यांत्रिक ऊर्जा विधुत ऊर्जा में बदल जाती हैं।

जब बन्द कुण्डली को चुम्बकीय क्षेत्र में घुमाया जाता है तो विधुत चुम्बकीय प्रेरण के कारण कुण्डली को घुमाने में व्यय यांत्रिक ऊर्जा विधुत ऊर्जा में बदल जाती है।

(3) ताप युग्म 

जब दो भिन्न धातुओं जैसे एंटीमनी वह बिस्मत की छड़ों को सिरों पर जोड़कर एक बन्द परिपथ बनाते हैं और दोनों सन्धीयो को भिन्न भिन्न ताप पर रखते हैं तो परिपथ में एक विधुत वाहक बल उत्पन्न हो जाता है और धारा प्रवाहित होने लगती है। इस युग्म को ताप युग्म कहते हैं।

(4)प्रकाश विधुत सेल 



प्रकाश ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलने की युक्ती प्रकाश विधुत सेल कहलाती है जब पराबैंगनी प्रकाश को पोटेशियम या सीजियम धातु पर डाला जाता है तो धातु के प्रष्ट से इलैक्टोन उत्सर्जित होते हैं इस प्रकार प्रकाश ऊर्जा विधुत ऊर्जा में परिवर्तित होती है। अन्तरिक्ष यान,कर्त्रिम उपग्रह में प्रयुक्त सोर बैटरी इसी सिद्धांत पर कार्य करती है। 

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