विधुत विभव क्या होता है
अनन्त (Infinite) से किसी इकाई धन आवेश को विधुत क्षेत्र के विपरित चलाने के लिए जितनी ऊर्जा (energy) की आवश्यकता होती है या जितना कार्य किया जाता है उसे उस बिंदु (point) का विधुत विभव (Electric potential) कहते हैं।
इसे V से प्रदर्शित करते हैं
इसका एस आई मात्रक वोल्ट होता हैं ।
विधुत विभव = कार्य / आवेश
V = w / q = Juele / culamb
(1) यह एक अदिश राशि है
(2) विधुत विभव ऊर्जा का ही एक रूप है।
(3) अनन्त (Infinite) का मतलब जहां विधुत क्षेत्र शून्य होता है।
विभवान्तर ( potential difference )
किसी चालक के दो बिन्दुओं पर वोल्टेज के अन्तर को विभवान्तर कहते हैं ।
माना एक बिंदु की वोल्टेज Va और दुसरे बिन्दु की वोल्टेज Vb है तो उनके बीच विभवान्तर
किसी भी चालक मैं धारा प्रवाहित होने के लिए विभवान्तर का होना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि अगर विभवान्तर नहीं होगा तो धारा प्रवाहित नहीं होगी । इसलिए विभवान्तर का होना आवश्यक है ।
माना किसी चालक का प्रतिरोध R हैं और उसके एक बिंदु का विभव Va और दुसरे बिन्दु का विभव Vb हैं तो उसमें प्रवाहित होने वाली धारा
होगी ।
किसी चालक में धारा प्रवाहित होने के लिए विभवान्तर (potential difference) का होना आवश्यक है ।




कोई टिप्पणी नहीं: