magnetic circuit questions and answers in hindi

magnetic circuit questions and answers


 बारहवीं कक्षा की परिक्षाओं में पूछें जाने वाले चुंबकीय परिपथ से प्रशनों को यहां पर डिस्कश किया गया है। जितने भी अभी तक आपकी परिक्षा में magnetic circuit questions and answers पूछें गए है उन्ही में से कुछ महत्वपूर्ण प्रशन उत्तर को दिखाया गया है जो आपकी परिक्षा के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे

प्र-1 गतिशील आवेश उत्पन्न करता है :

(अ) केवल विधुत क्षेत्र
(ब) केवल चुम्बकीय क्षेत्र
(स) विधुत क्षेत्र और चुम्बकीय क्षेत्र दोनों
(द) विधुत क्षेत्र और चुम्बकीय क्षेत्र में से कोई नहीं
उत्तर-विधुत क्षेत्र और चुम्बकीय क्षेत्र दोनों

प्र-2 चुम्बकीय क्षेत्र की त्रिवता का मात्रक होता है : 

(अ) वेबर/मीटर
(ब) वेबर/मीटर वर्ग
(स) वेबर
(द) वेबर × मीटर
उत्तर-- वेबर/मीटर वर्ग

प्र-3 बाॅयो सेवर्ट के नियम अनुसार B और r में क्या सम्बन्ध है :

(अ) B समानुपाती r
(ब) B समानुपाती 1/r
(स) B समानुपाती r के वर्ग के
(द) B समानुपाती 1/r का वर्ग
उत्तर-- B समानुपाती 1/r का वर्ग

प्र-4 इनमें से कौन-सा चुम्बकीय क्षेत्र की त्रिवता का मात्रक नहीं है :

(अ) टेस्ला
(ब) वेबर/मीटर वर्ग
(स) न्यूटन/एम्पीयर-मीटर
(द) न्यूटन/ऐम्पीयर वर्ग
उत्तर-- न्यूटन/ऐम्पीयर वर्ग

प्र-5 एक समान चुम्बकीय क्षेत्र B में बल रेखाओं के समांतर एक इलैक्ट्रोन जिसका आवेश e है, वेग v से चलता है। तो इलैक्ट्रोन पर लगने वाला बल है :

(अ) evB
(ब) ev/B
(स) शून्य
(द) Bv/e
उत्तर-- शून्य

प्र-6 किसी एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में एक इलैक्ट्रोन क्षेत्र के लम्बवत दिशा में प्रवेश करता है। तो इलैक्ट्रोन का पथ होगा : 

(अ) परवलयाकार
(ब) दीर्घवृत्ताकार
(स) वृत्ताकार
(द) सरल रेखा
उत्तर-- वृत्ताकार

प्र-7 क्षैतिज दिशा में v वेग से चलता हुआ एक इलैक्ट्रोन ऐसे स्थान में प्रवेश करता है जहां एक समान चुम्बकीय क्षेत्र ऊर्ध्वाधर दिशा में है। तो इस स्थान में इलैक्ट्रोन का पथ होगा :

(अ) क्षैतिज तल में एक वृत्त

(ब) ऊर्ध्वाधर तल में एक वृत्त

(स) क्षैतिज से 45 डिग्री कोण पर एक सरल रेखा

(द) क्षैतिज तल में एक परवलय

उत्तर-- क्षैतिज तल में एक वृत्त

प्र-8 एक इलैक्ट्रोन एक समान चुम्बकीय क्षेत्र B में क्षेत्र के लम्बवत v वेग से गमन करता है। अचानक चुम्बकीय क्षेत्र घटकर B/2 रह जाता है। तो पथ की प्रारंभिक त्रिज्या r का मान अब हो जायेगा : 

(अ) घटकर r/2
(ब) बढ़कर 2r
(स) बढ़कर 4r
(द) घटकर r/4
उत्तर-- बढ़कर 2r

प्र-9 यदि आवेशित कण का वेग दोगुना और चुम्बकीय क्षेत्र का मान आधा कर दिया जाए तो आवेशित कण के मार्ग की त्रिज्या हो जायेगी : 

(अ) 8 गुणी
(ब) 2 गुणी
(स) 4 गुणी
(द) 3 गुणी
उत्तर-- 4 गुणी

प्र-10 एक आवेशित कण चुम्बकीय क्षेत्र में क्षेत्र की दिशा से 30 डिग्री कोण पर प्रवेश करता है। कण का पथ होगा :

(अ) वृत्ताकार
(ब) कुण्डलीनीवत
(स) दीर्घवृत्ताकार
(द) सरल रेखा
उत्तर-- कुण्डलीनीवत

प्र-11 दो समांतर तारों में यदि धारा एक ही दिशा में बह रही हो तो वे एक दूसरे को आकर्षित करते है। क्योंकि :

(अ) उनके बीच विभवान्तर होता है
(ब) उनके बीच अन्योन्य प्रेरकत्व होता है
(स) उनके बीच वैधुत बल कार्य करता है
(द) उनके बीच चुम्बकीय बल कार्य करता है
उत्तर-- उनके बीच चुम्बकीय बल कार्य करता है

प्र-12 किसी चुम्बकीय क्षेत्र की त्रिवता की दिशा होती है :

(अ) चुम्बकीय क्षेत्र में गतिमान आवेशित कण पर कार्य करने वाले बल की दिशा में
(ब) चुम्बकीय क्षेत्र में गतिमान आवेशित कण पर कार्य करने वाले बल के लम्बवत
(स) चुम्बकीय क्षेत्र में वह दिशा जिसके अनुदिश गतिमान आवेश पर कोई बल कार्य नहीं करता है
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-- चुम्बकीय क्षेत्र में वह दिशा जिसके अनुदिश गतिमान आवेश पर कोई बल कार्य नहीं करता है

प्र-13 जब किसी चुम्बकीय द्विध्रुव को एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है तो यह अनुभव करता है :

(अ) एक बल का परन्तु कोई बल-युग्म नहीं
(ब) एक बल-युग्म का परन्तु कोई बल नहीं
(स) एक बल और एक बल-युग्म का
(द) न बल और न बल-युग्म
उत्तर-- एक बल-युग्म का परन्तु कोई बल नहीं

प्र-14 चुम्बकीय आघूर्ण का मात्रक है :

(अ) न्यूटन/ऐम्पीयर मीटर
(ब) ऐम्पीयर मीटर वर्ग
(स) वेबर/मीटर वर्ग
(द) हेनरी
उत्तर-- (ब) ऐम्पीयर मीटर वर्ग

प्र-15 ध्रुव प्रबलता का मात्रक है :

(अ) ऐम्पीयर मीटर वर्ग
(ब) ऐम्पीयर मीटर
(स) ऐम्पीयर/मीटर
(द) ऐम्पीयर/मीटर वर्ग
उत्तर-- (ब) ऐम्पीयर-मीटर

प्र-16 चुम्बकीय याम्योत्तर और भौगोलिक याम्योत्तर के बीच के कोण को कहते है :

(अ) नति कोण
(ब) दिकपात कोण
(स) ध्रुवण कोण
(द) क्रान्तिक कोण
उत्तर-- (ब) दिकपात कोण

प्र-17 पृथ्वी के चुम्बकीय ध्रुवों पर नमन कोण (नति कोण) का मान है :

(अ) 45 
(ब) 30 
(स) 0 
(द) 90 
उत्तर-- (द) 90 

प्र-18 किसी स्थान पर पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र के क्षैतिज घटक और ऊर्ध्वाधर घटक बराबर है तो उस स्थान पर नति कोण क्या होगा :

(अ) 0
(ब) 45
(स) 60
(द) 90
उत्तर-- (ब) 45 

प्र-19 पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का ऊर्ध्वाधर घटक शून्य होता है :

(अ) चुम्बकीय ध्रुवों पर 
(ब) भौगोलिक ध्रुवों पर
(स) प्रत्येक स्थान पर
(द) चुम्बकीय निरक्ष पर 
उत्तर-- (द) चुम्बकीय निरक्ष पर 

प्र-20 पृथ्वीज्ञके चुम्बकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक शून्य होता है :

(अ) चुम्बकीय ध्रुवों पर
(ब) भौगोलिक ध्रुवों पर
(स) प्रत्येक स्थान पर
(द) चुम्बकिय निरक्ष पर
उत्तर-- (अ) चुम्बकीय ध्रुवों पर

प्र-21 दो चुम्बकीय बल रेखायें :

(अ) उदासीन बिन्दु पर एक दूसरे को काटती है
(ब) उत्तरी या दक्षिणी ध्रुव के निकट काटती है
(स) एक दूसरे को कभी नहीं काटती
(द) चुम्भक के मध्य में काटती है
उत्तर-- (स) एक दूसरे को कभी नहीं काटती

प्र-22 लौह चुम्बकीय पदार्थों के लिए आपेक्षिक चुम्बकशीलता होती है :

(अ) <1
(ब) =1
(स) >1
(द) >>1
उत्तर-- (द) >>1

प्र-23 अनुचुम्बकीय पदार्थों की चुम्बकशीलता का मान :

(अ) एक से कम 
(ब) कम लेकिन एक से अधिक
(स) एक
(द) एक से बहुत अधिक
उत्तर-- (ब) कम लेकिन एक से अधिक

प्र-24 प्रतिचुम्बकीय पदार्थों की चुम्बकशीलता :

(अ) एक से बहुत अधिक
(ब) एक 
(स) एक से कम 
(द) एक से थोडा अधिक
उत्तर-- (स) एक से कम

प्र-25 डोमेन किस पदार्थ से बनते है :

(अ) प्रतिचुम्बकीय
(ब) लौह चुम्बकीय
(स) अनुचुम्बकीय
(द) इनमें से सभी में
उत्तर-- (ब) लौह चुम्बकीय

प्र-26 विधुत चुम्बक बनाने के लिए सबसे उचित धातु है :

(अ) नर्म लौहा
(ब) स्टील
(स) ताॅबा
(द) निकेल
उत्तर-- (अ) नर्म लौहा

प्र-27 वह ताप जिससें नीचें चुम्बकीय पदार्थ लौह चुम्बकीय और उससे ऊपरज्ञताप पर अनुचुम्बकीय होता है :

(अ) उत्क्रमण ताप
(ब) केल्विन ताप
(स) क्यूरी ताप
(द) उदासीन ताप
उत्तर-- (स) क्यूरी ताप

प्र-28 उदासीन बिन्दुओं पर :

(अ) B>H
(ब) B<H
(स) B=H
(द) B=0
उत्तर-- (स) B=H

प्र-29 चुम्बकीय पारगम्यता का एस आई प्रणाली में मात्रक क्या होता है ?

न्यूटन/ऐम्पीयर वर्ग

प्र-30 किस भौतिक राशि का मात्रक न्यूटन/ऐम्पीयर-मीटर होता है ?

चुम्बकीय क्षेत्र का

प्र-31 चुम्बकीय क्षेत्र के मात्रक न्यूटन/ऐम्पीयर मीटर को बताने वाला मूल सूत्र लिखिए।

F = BiL
B = F/iL   न्यूटन/ऐम्पीयर मीटर

प्र-32 सदिश रूप में लाॅरेंज बल का सूत्र लिखिए।

F = q ( v × B ) 
इस सूत्र में v हमेशा पहले लिखेगें और B को बाद में क्योंकि सदिश में कभी भी (v×B) और (B×v) बराबर नहीं होते इसलिए (v×B) वाला ही सही हल माना जाएगा।

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