एल ई डी क्या होता है
एल ई डी का पूरा नाम प्रकाश उत्सर्जक डायोड होता है। एल ई डी एक ऐसा बल्ब होता है जो बहुत कम विधुत लेकर ज्यादा प्रकाश उत्सर्जित करता है। आज एल ई डी का बहुत ज्यादा प्रयोग किया जा रहा है। आज हम एल ई डी के बारे में बात करेंगे। इसके काम करने का तरीका,इसको किस कम्पंनी के द्वारा बनाया गया और इसके उपयोग करने के क्या लाभ है तो हम इसके बारे में नीचे पढ़ेंगे।
आदर्श इन्डीकेटर एल०इ०डी 30 से 60 मिली वाट विधुत शक्ती व्यय पर डिजाइन किया गया लगभग सन् 1999 में फिलिप्स लुमिलेडस ने 1 वाट पर निरन्तर प्रचालित करने वाली एल०इ०डी से परिचय कराया
एल०इ०डी का मुख्य लाभ यह है कि इसकी दक्षता सी०एफ०एल की अपेक्षा काफी अधिक है सन् 2002 में फिलिप्स लुमिलेडस ने तीव्र सफेद प्रकाश उत्पन्न करने वाले 5 वाट एल०इ०डी लैम्ब का निर्माण किया जिसकी ल्युमिनेन्श दक्षता 18 से 22 लुमेन्श प्रति वाट है
इस लैम्प की तुलना फिलामेंट 60-100 वाट लैम्प से की जा सकती हैं जबकि फिलामेंट लैम्प 15 ल्युमन प्रति वाट का प्रकाश उत्सर्जित करता है
एल०इ०डी में मुख्य दोष यह है कि इसकेे आर पार वोल्टेज बढ़ने पर इसकी विधुत धारा के बढ़ने पर इसकी दक्षता तीव्रत्रा से घटती है
LED के लाभ(Advantage of LED )
इस वाले भाग में में आपको बताउंगा कि एल ई डी का प्रयोग करने से क्या लाभ होता है। इसकी दक्षता कम होती है या ज्यादा,इसके प्रकाश का रगं केया हमारे लिए लाभदायक है या नहीं, इसका आकार कैसा होता है इसको लगाने में कोई दिक्कत तो नहीं और ये कितना समय बन्द और चालू होने में, इन्ही सब बिन्दुओं पर इस भाग में बात करेंगे।
(1) दक्षता Efficiency
एल०इ०डी फिलामेंट लैम्प के सापेक्ष अधिक प्रकाश उत्सर्जित करता है इसकी दक्षता सी०एफ०एल के समान इसका आकार एवं आकृति बदलने से प्रभावी नहीं होती ।
(2) प्रकाश का रगं colour of light
एल०इ०डी बिना कलर स्क्रीन प्रयोग किये ही इच्छित रंग का प्रकाश उत्सर्जित कर सकती हैं ।
(3) LED का आकार size of LED
LED का आकार 2mm square से भी कम हो सकता है इसलिए इसका उपयोग प्रचार हेतु रनिगं डिस्प्लै बोर्ड पर किया जाता है डिस्प्ले बोर्ड का आकार प्रचार हेतु उपयोग किये जाने वाले शब्दों की संख्या पर निर्भर करता है ।
(4) ऑन ऑफ समय ON/OF Time
LED बहुत शीघ्र ही प्रकाशित हो जाती है यह 1 माइक्रो सेकेंड से कम समय में पूर्ण प्रकाश उत्सर्जित करता है LED का उपयोग संचार परिपथ में किया जाता है
(5) LED का मन्द होना Dimming of light
LED का प्रकाश बहुत सूक्ष्म समय में मन्द हो जाता हैं इसका प्रकाश फारवर्ड धारा के घटने पर मन्द हो जाता हैं ।
(6) जीवन काल Life Time
LED का जीवन काल बहुत लम्बा होता हैं अनुमान के अनुसार 10,000 से 15,000 घण्टों तक होता हैं ।
(7) झटको के प्रति प्रतिरोध Resistance against Shock
LED सोलिड स्टेट घटक (component) है इसलिए इस पर झटको का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है ।
LED की हानियां ( Disadvantages of LED )
यहां पर एल ई डी की हानियों के बारे में बात करेंगे। कुछ चीजें ऐसी होती है एल ई डी के अन्दर जो इसकी कमजोरी को बताती है। जैसे एल ई डी की शुरुआती किमत बहुत ही ज्यादा होती है। इसकी शुरुआती किमत एक तन्तु बल्ब से लगभग 10 गुना ज्यादा होती है। इसलिए इसकी शुरुआती किमत ज्यादा होने से कुछ लोग एल ई डी का प्रयोग कम करते है। और भी इसकी ऐसी बहुत सी कमजोरियां है जिनको में आपको नीचे फुर्सत से बता रहा हूं।
(1) तापमान निर्भरता ( Temperature dependence )
LED का प्रदर्शन वातावरण के तापमान पर निर्भर करता है वातावरण के उच्च तापमान पर जब LED परिचालित होती है तब LED पैकेज का बह्म आवरण अधिक गरम हो जाता हैं जिससे LED कमजोर हो जाती हैं जिससे इसका जीवन काल तीव्रता से घटता है ।
(2) वोल्टेज सुग्राहिता (Voltage Sensitivity )
LED को न्यूनतम वोल्टेज से अधिक अधिक वोल्टेज प्रयुक्त किए जाने चाहिए जिससे कि उसकी धारा निर्धारित धारा से कम नहीं होने पाएं। इस समस्या के समाधान के लिए धारा नियंत्रित पावर सप्लाई प्रयुक्त की जानी चाहिए, जिससे कि LED की प्रकाश तिव्रता एक समान बनी रहे ।
(3) उच्च प्रारंभिक मूल्य ( High initial price )
प्रारम्भिक मूल्य के आधार पर LED का मूल्य अन्य प्रकाश तकनीकों की अपेक्षा प्रति ल्यूमेन अधिक महंगा है ।
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